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Showing posts from July, 2024

किन्नौर कैलाश यात्रा 2024 - 1 अगस्त से 26 अगस्त (चलो कैलाश ) !

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आज हम किन्नौर कैलाश यात्रा के बारे में जानकारी लेकर आए हैं| किन्नौर कैलाश पर्वत हिंदू धर्म में सबसे लोकप्रिय तीर्थ धर्म स्थलों में से एक है| पांच पर्वतों में से एक पर्वत है| इसलिए किन्नौर कैलाश पर्वत काफी महत्वपूर्ण है| हर किसी का सपना होता है कि एक बार 5 कैलाश का सफर पूरा किया जाए| और पांच कैलाश के दर्शन भी किए जाएं| किन्नौर कैलाश यात्रा को मानसरोवर और अमरनाथ की यात्रा से भी कठिन माना जाता है. यह यात्रा हर साल सवान के महीने में शुरू होती है| यात्रा को पूरा करने के लिए लगभग 2 से 3 दिन लगते है. आइए इस यात्रा के बारे में विस्तार से जानते हैं हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में किन्नौर  कैलाश यात्रा को सबसे दुर्गम यात्रा में से एक माना जाता है| किन्नौर  कैलाश शिवलिंग ट्रैक भगवान शिव के सबसे पुराने निवास स्थान में से एक है| कैलाश पर्वत श्रृंखला में 79 फुट की खड़ी चट्टान है। साफ दिन पर कोई भी शिवलिंग देख सकता है दिन के दौरान रंग बदलता रहता है| यह चट्टान माउंट कैलाश (19,850 फीट) और माउंट जोर्कंडेन (21,237 फीट) की 20,000 फीट ऊंची किन्नौर कैलाश पर्वतमाला के बीच में है। भारत के हिमाचल प...

श्रीखंड महादेव यात्रा 2024 (चलो कैलाश )

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देश की कठिनतम यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा के लिए शुक्रवार से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया है।  यात्रा के लिए 250 रुपये पंजीकरण  शुल्क रखा है। कुल्लू जिला प्रशासन की देखरेख में श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट की ओर से 14 से 27 जुलाई तक करवाई जाएगी।  श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य जांच के बाद ही उन्हें यात्रा पर जाने दिया जाएगा। श्रद्धालु  विशेष परिस्थितियों में यात्रा के दौरान बैस कैंप में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी रहेगी। पंजीकरण शुल्क, यात्रा न करने की सूरत या फिर मेडिकल में अनफिट रहने पर या फिर आपदा विपरीत परिस्थितियों में यात्रा निरस्त होने पर शुल्क वापस नहीं होगा। श्रीखंड महादेव यात्रा के रास्ते में इस बार अधिक बर्फ है। इस बार अधिक हिमपात होने से ग्लेशियर बने हैं। इस कारण यह यात्रा अधिक जोखिम भरी है। प्रशासनिक तौर से शुरू यात्रा के दौरान बेस कैंप में रेस्क्यू, मेडिकल और प्रशासन की टीमें मौजूद रहेंगी। 35 किलोमीटर लंबी है पैदल यात्रा 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित लगभग 35 किलोमीटर की यात्रा के लिए हर वर्ष हजारों श्रद्धालु प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से ...